आईपी एड्रेस क्या होता है

आईपी एड्रेस क्या होता है
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यदि आप टेक्नोलॉजी से जुड़े हैं तो आपने IP-address के बारे में जरूर सुना होगा।
तो आइए जानते हैं आईपी एड्रेस क्या होता है और इसका किस प्रकार से उपयोग किया जाता है?

आईपी एड्रेस क्या होता है

जिस प्रकार इस दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति का कोई ना कोई पता होता है जैसे  वह कौन से देश में रहता है या कौन से शहर में रहता है  या फिर कौन सी कॉलोनी में रहता है। इसी प्रकार  प्रत्येक स्मार्टफोन या कंप्यूटर आदि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ओं का भी एक एड्रेस होता है जिसे हम ip-address कहते हैं। यानी हम ip-address को कंप्यूटर या स्मार्टफोन डिवाइस का पता कह सकते हैं।

IP एड्रेस की फुल फॉर्म इंटरनेट प्रोटोकोल होता है। और प्रत्येक डिवाइस का एक यूनिक आईपी एड्रेस होता है। आईपी एड्रेस की मदद से ही एक यंत्र को दूसरे यंत्र के साथ कनेक्ट किया जा सकता है।

आईपी एड्रेस एक न्यूमेरिकल वैल्यू होती है। जब नेटवर्किंग में डाटा एक यंत्र से दूसरे यंत्र तक भेजा जाता है तो सबसे पहले ip-address की पहचान की जाती है। इसके बाद राउटर की मदद फिर डाटा को एक आईपी एड्रेस है तो उसे आईपी एड्रेस पर भेजा जाता है।

आईपी एड्रेस के वर्जन

आईपी ऐड्रेस 2 वर्जन में उपलब्ध है।
IPv4 और IPv6

IPv4

IPv4 को 1983 में विकसित किया गया था। इसमें पूरा पता 32 बिट का होता है जिसमें आठ आठ बिट के 4 भाग होते हैं। प्रत्येक भाग में जीरो से 255 तक कोई भी नंबर यूज किया जा सकता है।

types of IP address
उदाहरण के लिए  145.100.852.122  एक सही आईपी एड्रेस है।

IPv6

IPv4  में केवल 32 बिट का यूज किया जाता है इसलिए इस से सीमित एड्रेस बनाए जा सकते हैं।
इसलिए  कुछ समय पहले IPv6 को लांच किया गया था।
इसमें पूरा एड्रेस 128 बिट का होता है जिसमें 32 32 बिट के 4 भाग होते हैं। IPv6  से बहुत अधिक आईपी ऐड्रेस  बनाए जा सकते हैं।

आईपी एड्रेस के प्रकार

आईपी एड्रेस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं
पब्लिक आईपी ऐड्रेस
प्राइवेट आईपी ऐड्रेस

पब्लिक आईपी ऐड्रेस(Public IP address)

यह आईपी ऐड्रेस इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी द्वारा दिया जाता है। यह आईपी एड्रेस दो प्रकार का होता है।

स्टैटिक आईपी ऐड्रेस(Static IP address)

इस आईपी एड्रेस को बदला नहीं जा सकता। जैसे किसी वेबसाइट का आईपी ऐड्रेस।

डायनेमिक आईपी ऐड्रेस(Dyanmic IP adress)

इस प्रकार के आईपी एड्रेस का यूज़ दो यंत्रों के बीच कनेक्शन के लिए किया जाता है और यह ip-address कुछ समय के बाद  बदल जाता है।

वेबसाइट के आईपी ऐड्रेस  के प्रकार

यदि आप कोई वेबसाइट चलाते हैं या किसी वेबसाइट पर विजिट करते हैं तो आपको पता होगा कि वेबसाइट के आईपी एड्रेस दो प्रकार के होते हैं।

शेयर्ड आईपी ऐड्रेस(Shared IP address)

इस प्रकार के आईपी एड्रेस में बहुत सारी वेबसाइट एक ही सर्वर पर चलाई जाती हैं। सभी वेबसाइट का अलग-अलग आईपी एड्रेस नहीं होता बल्कि  सर्वर का आईपी ऐड्रेस होता है और सभी को वहीं IP-address यूज करना पड़ता है।

इस प्रकार के आईपी एड्रेस का यूज़ वेब होस्टिंग के लिए किया जाता है। इस प्रकार की  होस्टिंग को  शेयर्ड वेब होस्टिंग कहते हैं जिसकी कीमत कम होती है। जब आप अपनी कोई वेबसाइट बनाते हैं तो ज्यादातर इसी प्रकार की  वेब होस्टिंग आप यूज करते हैं।

जहां पर एक ही सर्वर पर बहुत सारी वेबसाइट  होस्ट की जाती है। इस प्रकार की होस्टिंग में आपकी वेबसाइट की एक यूनिक आईपी एड्रेस नहीं होता बल्कि  एक ही सर्वर का आईपी ऐड्रेस कई वेबसाइट यूज करती हैं।

डेडीकेटेड  आईपी ऐड्रेस(Dedicated IP address)

जय आईपी एड्रेस होता है जो एक पार्टिकूलर वेबसाइट को assign किया जाता है। इसमें आपको अपना आईपी एड्रेस अन्य वेबसाइटों के साथ शेयर नहीं करना पड़ता। लेकिन इस प्रकार की होस्टिंग लेने के लिए आपको पैसे ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे।

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