क्या हैं अष्ट सिद्धियां ?

अष्ट सिद्धियां
78

क्या हैं अष्ट सिद्धियां ?:-हिंदू धर्म ग्रंथों में 8  सिद्धियों के बारे में बताया गया है और साथ ही यह भी बताया गया है कि इन्हें कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
ऐसा माना जाता है कि  हनुमान जी को माता सीता से आठ सिद्धियों और नौ निधियों का आशीर्वाद मिला था। इसलिए आपने हनुमान चालीसा में एक लाइन पढ़ी होगी “अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता अस बर दीन जानकी माता”।
हमारे धर्म ग्रंथों में यह भी मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे मन से हनुमान जी की भक्ति  करता है। हनुमान जी  उसे  आठ सिद्धियां प्रदान करते हैं।
तो आइए जानते हैं यह कौन सी आठ सिद्धियां है और इनके प्राप्ति पर व्यक्ति क्या क्या कर सकता है।

क्या हैं अष्ट सिद्धियां ?

1.  अणिमा

इस सिद्धि को प्राप्त करने के बाद व्यक्ति अपना आकार  अणु जितना छोटा कर सकता है यानि इंसान अपनी मर्जी से आकार को छोटा कर सकता है। लंका में प्रवेश करने के लिए हनुमान जी ने इसी सिद्धि का प्रयोग किया था ताकि वे बिना किसी को दिखे लंका में प्रवेश कर सके।

2.महिमा

दूसरी सिद्धि का नाम महिमा है।  इस सिद्धि को प्राप्त करने के बाद व्यक्ति अपना आकार असीमित रूप से बड़ा कर सकता है। सिद्धि को प्राप्त करने वाला व्यक्ति जब चाहे अपना आकार किसी भी सीमा तक बढ़ा सकता है। इसी सिद्धि का प्रयोग करके हनुमान जी समुद्र को पार करके लंका पहुंच गए थे।

3.गरिमा

यह तीसरी सिद्धि है। सिद्धि को प्राप्त करने वाला इंसान अपने शरीर का आकार बढ़ाएं बिना उसका भार असीमित कर सकता है। यानी शरीर का आकार तो उतना ही रहेगा लेकिन बाहर इतना अधिक हो जाएगा कि कोई उसे हिला भी नहीं सकता। इसी सिद्धि का प्रयोग अंगद ने लंका में किया था जहां कोई भी राक्षस अंगद के पैर को हिला भी नहीं  सका था।

अष्ट सिद्धियां

4. लघिमा

लघिमा चौथी सिद्धि है।  इस सिद्धि को प्राप्त करने के बाद इंसान अपने शरीर को बिल्कुल हल्का कर सकता है। शरीर इतना हल्का हो जाता है कि आसानी से हवा में भी उड़ सकता है।

5. प्राप्ति

इस सिद्धि को प्राप्त करने के बाद इंसान भविष्य की घटनाओं को देख सकता है। साथी साथ वह पशु पक्षियों की भाषा समझ कर उनसे बातें कर सकता है। व्यक्ति किसी को भी अपना गुलाब बनाकर उसे अपने बस में कर सकता है। इस सिद्धि  के बल पर व्यक्ति  संसार की किसी भी चीज को प्राप्त कर सकता है।

6.प्राकाम्या

इस सिद्धि के प्राप्त होने के बाद  मनुष्य दूसरे के मन की बात जान सकता है। इस सिद्धि के कारण कोई भी लंबे समय तक जीवित रह सकता है।इस  सिद्धि को प्राप्त करने वाला अपनी मर्जी से कोई भी देह धारण कर सकता है।

7. ईशिता

ईशिता का अर्थ है आधिपत्य। इस  सिद्धि को प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भगवान की श्रेणी में रखा जाता है। वह दुनिया को अपने बल पर नियंत्रित कर सकता है। यह सिद्धि को प्राप्त करने वाले व्यक्ति में मरे हुए इंसान को जीवित करने की भी शक्ति होती है।

8. वशिता

वशिता आठवी और आखरी सिद्धि है। इस सिद्धि के मदद से किसी भी व्यक्ति को अपने वश में किया जा सकता है। इस की मदद से इंसान के साथ-साथ पशु पक्षियों व जानवरों को वश में किया जा सकता है।

Leave a Reply