नासा (NASA) से जुड़े रोचक तथ्य

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आपने दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी नासा के बारे में जरूर सुना होगा। नासा की स्थापना 1958 में की गई थी। आइए जानते हैं नासा के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य।

नासा (NASA) से जुड़े रोचक तथ्य

नासा का विस्तृत रूप नेशनल एस्ट्रोनॉट एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन है। यह अमेरिका की स्पेस एजेंसी है और इसका मुख्यालय  वाशिंगटन में है।

NASA का पहले नाम नेशनल एडवाइजरी कमिटी फॉर एरोनॉट(NACA) था।

नासा का मुख्य कार्य वैज्ञानिकों को पृथ्वी के बारे में जानकारी देना और हमारे सोलर सिस्टम का अध्ययन करना है। इसके अलावा भी NASA के बहुत सारे कार्य हैं।

हर 3 महीने में NASA का एक न्यूज़ लेटर  पब्लिश होता है जिसमें लोगों को नासा के मिशनो के बारे में जानकारी दी जाती है।

1957 में सोवियत संघ द्वारा Sputnik  उपग्रह लांच किया गया था। सोवियत संघ को जवाब देने के लिए और अमेरिका में  स्पेस प्रोग्रामों को बढ़ावा देने के लिए नासा की स्थापना 1958 में की गई थी।

नए ग्रहों की खोज करना भी NASA का एक कार्य है।

1961 में नासा द्वारा जॉनसन स्पेस सेंटर की स्थापना की गई थी।

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जो इस समय दुनिया की सबसे महंगी वस्तु है जिसका मुख्य कार्य है पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाते हुए  अंतरिक्ष का अन्वेषण करना है।  NASA भी स्पेस स्टेशन का भाग है।

नासा

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन 1 दिन में पृथ्वी के लगभग 17 चक्कर लगाता है और हर समय नासा के साथ वैज्ञानिक इसमें रहते है । इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के रखरखाव का खर्चा बहुत अधिक है इसलिए दुनिया के विकसित देश  स्पेस स्टेशन की मेंटेनेंस के लिए पैसे देते हैं।

NASA का हिस्सा बनने के लिए किसी भी अंतरिक्ष यात्री को पहले उड़ान के 1000 घंटे पूरे करने  होते हैं और पृथ्वी की सतह के ऊपर कम से कम 50 मील की दूरी तय करनी होगी।

1972 में  नासा द्वारा Landsat नाम के बहुत सारे उपग्रह स्पेस में छोड़े गए थे जिनका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी  के चित्र लेना था।

नासा में इंटरनेट की गति 91 जीबीपीएस है  जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है।

NASA ने पृथ्वी से 40 प्रकाश वर्ष दूर एक ग्रह की खोज की गई है जिसका नाम वाटर  वर्ल्ड रखा गया है।

NASA द्वारा अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने के लिए  इस्तेमाल किए जाने वाला कंप्यूटर 0.04 3 मेगाहर्ट्ज पर चलने वाला 64KB मेमोरी का कंप्यूटर है। यह इतना धीमा है कि हमारे मोबाइल की गति इससे कई गुना ज्यादा होती है।

जल्द ही NASA स्पेस एक्स लॉन्च करने वाला है जो नाश्ता के लिए एक नया कीर्तिमान साबित होगा। अंतरिक्ष यात्री डग्लस हार्ले  और रॉबर्ट बेहोनकेन स्पेसएक्स के पायलट होंगे।

नासा ने एक विशेष मशीन का निर्माण किया है जिसकी मदद से बादल  बनाकर बारिश की जा सकती है।

गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को नापने के लिए नासा की प्रयोगशाला में जो व्यक्ति 90 दिन तक बेड पर 24 घंटे तक लेट सकता है नासा उन लोगों को लगभग ₹1000000 देती है।

नासा पर प्रतिवर्ष लगभग $19 ख़रब खर्च किए जाते हैं।

NASA 2030 तक अपने मंगल मिशन को अंजाम देना चाहता है जिसका मुख्य उद्देश्य मनुष्य को मंगल ग्रह पर पहुंचाना है।

नासा सुपर ट्रेक नाम की एक विशेष प्रकार की ड्राइव का विकास कर रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य 2 सप्ताह के अंदर अंतरिक्ष यात्रियों को अल्फा सेंचुरी तक पहुंचाना है।

ब्राजील में एक जगह है जहां पर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का प्रभाव कम हो जाता है इसे दक्षिण अटलांटिक  विसंगति कहा जाता है। यह  क्षेत्र काफी बड़ा है जब नासा के उपग्रह इसके ऊपर से गुजरते हैं तो नासा उपग्रहों की शक्ति कम कर देता है।

NASA का एक विशेष प्रोग्राम दूसरे ग्रहों पर जीवन के बारे में जांच करता है जिसका नाम है ऑफिस ऑफ प्लेनेट  प्रोटेक्शन।

26 नवंबर 2011 को नासा ने अपना मंगल मिशन शुरू किया था जिसके अंतर्गत 6 अगस्त 2012 को मंगलयान  मंगल ग्रह  पर उतरा था जिसने यह बताया कि मंगल ग्रह पर जीवन का विकास हो सकता है।

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