फोन से दूरी आपकी जिंदगी लंबी कर सकता है

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फोन से दूरी आपकी जिंदगी लंबी कर सकता है: यदि आप भी आवश्यकता से अधिक फोन इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि एक शोध से पता चला है कि फोन का अधिक उपयोग करने से हमारे शरीर के अंदर कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन तनाव से संबंधित है।

फोन पर अधिक समय बिताने से हमारी नींद, स्मृति, ध्यान लगाने की शक्ति, रचनात्मकता और रिश्ते पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ा देता है

और अब  एक शोध ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि  फोन का उपयोग करने से हमारे शरीर के अंदर कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़  जाता है। कॉर्टिसोल को लड़ो या भागो हार्मोन भी कहते हैं। जब यह हमारे शरीर में रिलीज होता है तो इससे हमारे शरीर के अंदर बहुत सारे परिवर्तन होते हैं जैसे रक्तचाप का बढ़ जाना, हृदय गति का बढ़ जाना और शर्करा के स्तर में वृद्धि होना आदि।  इसके अलावा कोर्टिसोल का अधिक स्त्रावण हमारे शरीर के अंदर मोटापा, फर्टिलिटी  प्रॉब्लम, हार्ट अटैक, डिप्रैशन श्याम को उत्पन्न कर सकता है।
फोन से दूरी
तो हम कह सकते हैं कि जितना अधिक कोर्टिसोल हमारे शरीर के अंदर बनेगा हमारी उम्र उतनी कम हो जाएगी।

डोपामाइन हार्मोन का स्तर बढ़ा देता है

इससे पहले भी वैज्ञानिक यह बात  सिद्ध कर चुके हैं कि फोन का अधिक प्रयोग करने से हमारे शरीर के अंदर एक विशेष प्रकार का हार्मोन जिसका नाम है डोपामाइन का स्तर बढ़ जाता है। डोपामाइन हार्मोन है जो हमारी आदतों से जुड़ा हुआ है। जब हम किसी कार्य में रुचि दिखाते हैं तो हमारे शरीर के अंदर डोपामाइन का स्तर बढ़ जाता है।

डोपामाइन का स्तर बढ़ने से हमें उस चीज की आदत हो जाती है। इसी प्रकार जब हम फोन का इस्तेमाल करते हैं तो हमारे अंदर डोपामाइन का स्तर बढ़ता है जिससे हमें फोन किया आदत पड़ जाती है और  फोन से दूर  रह पाना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है।

डिसीजन लेने में प्रॉब्लम

हमारे दिमाग का आगे वाला हिस्सा फ्रंटल कोरटेक्स उचित निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन फोन का अधिक यूज करने से कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ता है और कोर्टिसोल के स्तर बढ़ने से फ्रंटल कॉर्टेक्स  धीमा हो जाता है। जिस  के कारण मनुष्य सही निर्णय नहीं ले पाता।

इसलिए स्पष्ट है कि आप अपने मोबाइल से जितना दूर रहेंगे आपकी उम्र उतनी ही अधिक होगी और आप गंभीर समस्याओं से बच पाएंगे साथ ही साथ आपकी निर्णय लेने की शक्ति और रचनात्मकता भी बढ़ेगी।

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