Wed. May 22nd, 2019

Top 10 fighting techniques(लड़ने की 10 सबसे बेहतरीन तकनीक)

Top 10 fighting techniques(लड़ने की 10 सबसे बेहतरीन तकनीक)

दुनिया के अलग अलग देशों में लड़ने के अलग अलग तरीके  प्रयोग में लाए जाते हैं।  इनमें से कुछ तरीकों को सीखना बिल्कुल ही सरल है जबकि कुछ तरीके बहुत ही मुश्किल और खतरनाक है।  आज हम बात करने वाले हैं  ‘Top 10 fighting techniques(लड़ने की 10 सबसे बेहतरीन तकनीक)‘ के बारे में।

1.कुंग फू

चीनी मार्शल आर्ट को ‘कुंग फू’ कहा जाता है। इसे वुशु और quanfa के नाम से भी जाना जाता है।  चीनी कुंग फू सीखने के लिए आपको काफी धैर्य ,ऊर्जा और समय की आवश्यकता पड़ती है।  कुंग फू के कई रूप हैं जिनमें से कुछ प्रमुख है  शाओलिन कुंग फू,  विंग चुन, ताई ची आदि।  सभी कुंग फू रूपों के अपने अपने नियम और सीखने के तरीके हैं लेकिन इन सभी तकनीकों में एक बात सामान्य है  इन सभी में  बेहतरीन तकनीक और गति पर जोर दिया गया है।  कुंग फू शब्द का प्रयोग 20 वीं शताब्दी में चीनी समुदाय ने चीनी मार्शल आर्ट के संबंध में किया था। कुंग फू  में  प्रयोग होने वाली अधिकांश तकनीक जानवरों की लड़ने की तकनीक से मिलती जुलती है। 

 

2.मयथाई

मयथाई  थाईलैंड  की एक कठिन मार्शल आर्ट तकनीक है। यह थाईलैंड का राष्ट्रीय खेल भी है।  मय थाई  को ‘द आर्ट ऑफ ऐट लिम्बस’ यानि  ‘8 अंगों की कला’ भी कहा जाता है। इसमें मनुष्य के शरीर  8 बिंदुओं का इस्तेमाल युद्ध के 8 हथियारों की तरह किया जाता है। जैसे  हाथ को तलवार और खंजर की तरह प्रयोग किया जाता है जबकि बाजू कवच के रूप में।  कोहनी को हथौड़े की तरह और घुटने को कुल्हाड़ी की तरह इस्तेमाल किया जाता है। शरीर के सभी अंगों में समन्वय स्थापित किया जाता है और पूरे शरीर को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

3.क्राव मागा

इस तकनीक को सबसे पहली बार इजरायली रक्षा बल के लिए विकसित किया गया था। क्राव मागा में मुख्य रूप से दुश्मन को समाप्त करना शामिल है।  1930 के  आसपास चेकोस्लोवाकिया देश में बहुत सारे यहूदी विरोधी समूह थे, जो यहूदी लोगों पर बहुत अत्याचार किया करते थे।  लमी लिचटेनफील्ड जो एक यहूदी थे उन्होंने अपने परिवार और मित्रों को बचाने के लिए यहूदियों का एक समूह बनाया और अपने परिवार और मित्रों की रक्षा के लिए गलियों में पहरा देने लगे।  यहीं से जन्म हुआ क्राव मागा का, क्राव मागा  का प्रयोग गली, सड़क, पार्क  आदि कहीं भी प्रयोग किया जा सकता है।  इसमे अपने आसपास की वस्तुओं को हथियार की तरह प्रयोग करना सिखाया जाता है जिनका उपयोग  रक्षा और आक्रमण दोनों के लिए किया जाता है। क्राव मागा का प्रयोग  इजराइली सेना और पुलिस करती है।

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4.ब्राज़ीलियाई  जिउ- जित्सु

ब्राज़ीलियाई  जिउ- जित्सु  मुख्य रूप से जमीनी लड़ाई पर जोर देता है।  यह तकनीक इस बात पर आधारित है कि एक कमजोर और हल्का व्यक्ति  आसानी से बड़े, मजबूत और भारी प्रतिद्वंदी से अपना बचाव कर सकता है। ब्राज़ीलियाई  जिउ- जित्सु को BJJ भी कहा जाता है और इसका प्रयोग मुख्य रूप से आत्म रक्षा के लिए किया जाता है। इस तकनीक में मुख्य रूप से अपने प्रतिद्वंदी को नीचे गिराने पर बल दिया जाता है और उसके बाद Joint lock और chokehold कि मदद से अपने प्रतिद्वंदी को हराने की कोशिश की जाती है।  जिओ ओमोरी नामक व्यक्ति  ने 1909 में ब्राजील में पहला जिउ- जित्सु स्कूल खोला था। जिओ ओमोरी ने कई लोगों को BJJ  की तकनीक सिखाई  और अपने कुछ शिष्यों को विदेश भेजा था ताकि वो विदेश में जाकर इस तकनीक का प्रदर्शन कर सकें।

5.एस्क्रीमा

एस्क्रीमा फिलिपींस का राष्ट्रीय खेल है और  हाथ से लड़ी जाने वाली मार्शल आर्ट तकनीक है।  हाथ के साथ-साथ इस में लाठी ,चाकू, ब्लेड जैसे हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एस्क्रीमा को काली  और अर्निस के नाम से भी जाना जाता है।  एस्क्रीमा में 35 से अधिक विभिन्न शैलियां हैं। एस्क्रीमा को डेन  इनोसेंटो  ने भी सीखा था जो ब्रूस ली के  प्रसिद्ध शिष्य थे।

6.बेकॉम

हालांकि बेकॉम मार्शल आर्ट श्रेणियों में इतना प्रसिद्ध नहीं है लेकिन यह बहुत ही खतरनाक और घातक है।  इस मार्शल आर्ट का प्रयोग पेरू के मूल निवासी किया करते थे। बेकॉम कई मार्शल आर्ट कलाओं को मिलाकर बनाई गई है।  इस तकनीक में मुख्य रूप से छिपे हुए हथियार और punches का प्रयोग किया जाता है। बेकॉम लड़ाई में कई बार दो में से एक प्रतिद्वंदी की मृत्यु हो जाती है इसलिए इसे काफी खातक तकनीक माना जाता है।

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7.वेले टूडो(Vale Tudo)

वेले टूडो  का अर्थ होता है ‘कुछ भी’।   यह एक ब्राज़ीलियाई हाइब्रिड युद्ध मार्शल आर्ट तकनीक है। इस तकनीक में नियमों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है और आप किसी भी प्रकार से लड़ सकते हैं और किसी भी चीज का इस्तेमाल कर सकते हैं।  1920 में वेले टूडो एक सर्कस में प्रदर्शित किया गया था जिसमें बहुत सारे लड़ाके आपस आपस में लड़े थे। वेले टूडो की लड़ाई मुख्य रूप से गुप्त रूप से ही होती है क्योंकि यह बहुत ही घातक और जानलेवा तकनीक हैैं। वर्तमान में कई जगहों पर वेले टूडो  प्रतिस्पर्धाओ का आयोजन किया जाता है लेकिन उसके लिए इस तकनीक में कुछ नियम जोड़े गए हैं।

8.नींजूत्सु

नींजूत्सु सीखने वालों को को निंजा कहते हैं। यह एक जापानी मार्शल आर्ट कला है जिसे मुख्य रूप से योद्धा और हत्यारे सीखा करते थे।  यह कला गोरिल्ला तकनीक से मिलती जुलती है।  इसमें अंधेरे में छुपकर अपने शत्रु पर अचानक हमला करके उसे धराशाई कर दिया जाता है।  अन्य मार्शल आर्ट तकनीक के विपरीत इसमें तलवार, छोटे  चाकू और फेंकने वाले हथियारों का भी प्रयोग किया जा सकता है।  हथियारों के साथ साथ इसमें कुछ रासायनिक पदार्थों के प्रयोग को भी सिखाया जाता है।  लेकिन अब यह तकनीक विलुप्त होने के कगार पर है। अब निंजाओं का जिक्र केवल फिल्मों में ही देखने को मिलता है।

9.कराटे

भारत में जो मार्शल आर्ट तकनीक सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है उसका नाम है कराटे।  कराटे को सबसे बेहतरीन self-defense तकनीक माना जाता है।  कराटे एक जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है खाली हाथ।   इस मार्शल आर्ट  तकनीक में किसी भी हथियार का प्रयोग नहीं किया जाता। इस तकनीक में केवल हाथ पैर का ही प्रयोग किया जाता है और उन्हें तलवार और चाकू की तरह प्रयोग किया जाता है।

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10.ताइक्वांडो

इस कला का विकास लगभग 5000 साल पहले कोरिया से माना जाता है।  ताइक्वांडो मुख्य रूप से अपनी घूमती हुई और ऊंची किक के लिए प्रसिद्ध है।  ताइक्वांडो का अर्थ है किक और पंच।  ताइक्वांडो की प्रसिद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मार्शल आर्ट है जिसे ओलंपिक में जगह दी गई है।  हालांकि ताइक्वांडो का इतिहास काफी पुराना है लेकिन इसे मुख्य रूप से 1940 और 1950 के दशकों के बीच में विकसित किया गया है।


तो यह थी दुनिया की 10 सबसे बेहतरीन  मार्शल आर्ट तकनीक जिनकी सहायता से अपने प्रतिद्वंदी को कुछ ही समय में धराशाई किया जा सकता है।

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